उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश में बढ़ेगी कनेक्टिविटी ! खुलने जा रहा यह फोरलेन हाईवे, जानें
UP News: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है फोरलेन हाईवे का प्रस्ताव। इस प्रस्ताव के तहत कई बड़े हाईवे का निर्माण किया जा रहा है, जो प्रदेशों के व्यापक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस प्रस्ताव का लक्ष्य है लोगों को अधिक सुरक्षित और तेजी से यात्रा करने की सुविधा प्रदान करना।
कानपुर से महोबा तक फोरलेन हाईवे एक महत्वपूर्ण परियोजना है जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इस हाईवे का निर्माण कार्य पूरे धीमे हो रहा है लेकिन यह वाहनों के लिए बेहतर सुविधा प्रदान करेगा।
कबरई से सागर तक फोरलेन हाईवे भी एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना है जो प्रदेशों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। इस प्रस्ताव के अंतर्गत निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और यह लोगों को अधिक सुरक्षित यात्रा करने की सुविधा प्रदान करेगा।
कबरई से सागर तक इसे जोड़ने के लिए 223 किलोमीटर कबरई-सागर फोर टू सिक्स लेन (Kabrai-Sagar Four Lane) के जमीन अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट पर पिछले पांच साल से कार्य चल रहा है। यह नेशनल हाईवे एमपी-एमपी (UP-MP National Highway) को आपस में जोड़ेगा। इन दोनों प्रोजेक्ट का कार्य 2026 में पूरा कर जनता को समर्पित करने का लक्ष्य है।
फिलहाल, कानपुर-सागर मार्ग ( Kanpur-Sagar Route) पर वाहनों का काफी ज्यादा बोझ है। खासकर, बुंदेलखंड (Bundelkhand) के जिलों में बालू और पत्थर का काम होता है। लिहाजा, बड़े पैमाने पर बालू, मौरम और रेत पूरे उत्तर प्रदेश के जिलों में कानपुर-सागर हाईवे के जरिए ही ट्रक और डंपरों में भरकर सप्लाई होती है। हर दिन हजारों की संख्या में ट्रक नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर हमीपुर, कबरई से बड़े पैमाने पर गिट्टी, मौरंग कानपुर, लखनऊ, सीतापुर, गोंडा, बहराइच, अयोध्या, लखीमपुर आदि जिलों में लेकर जाते हैं।
ऐसे में वनवे होने के कारण बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं होती हैं और आवागमन में भी खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लिहाजा, कानपुर से महोबा तक 112 किलोमीटर फोरलेन को पिछले दिनों सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Road Transport Minister Nitin Gadkari) ने प्रस्ताव पास किया था। इसके निर्माण में 3700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका कार्य 2026 तक पूरा कर ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस हाईवे को बनाने के लिए चार बड़े, छह छोटे पुल बनेंगे। साथ ही चार फ्लाईओवर (Flyovers) और एक रेलवे ओवरब्रिज (Railway Overbridge) होगा। कुल 21 अंडरपास बनाए जाएंगे, ताकि लोगों को हाईवे क्रॉस करने में आसानी हो।
उधर, कबरई से सागर तक प्रस्तावित 223 फोर टू सिक्स लेन हाईवे का पिछले पांच साल से निर्माण कार्य जारी है। यह फोरलेन चार तहसीलों महाराजपुर, छतरपुर, बिजावर बड़ामलहरा में 57 गांवों की जमीन के अधिग्रहण का कार्य जारी है। सागर से यूपी के कबरई तक के लिए अलग-अलग इकोनॉमिक कॉरिडोर (Economic Corridor) के नाम से फोरलेन सड़क का निर्माण हो रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) 232 किलोमीटर लंबे फोरलेन का अलग-अलग चरणों में कर रहा है। छतरपुर जिले के बड़ामलहरा विकासखंड के सांठिया घाटी से लकर महराजपुर तहसील के तहत कैमला बैरियर तक 109 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
सागर-कबरई फोरलेन को पांच पैकेज में बनाया जा रहा है। इसके 46 किलोमीटर के निर्माण में 896.36 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे है। पांच पैकेज में बनने वाले फोरलेन हाइवे का 46 किमी का काम भोपाल की एक कम्पनी की ठेका दिया गया है। इसके निर्माण में भी 896.36 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
महोबा जिले में कबरई से कैमहा तक 46 किलोमीटर लंबे फोरलेन को बनाने के लिए 1100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह 223 किलोमीटर लंबा यह नेशनल हाईवे एमपी-यूपी को जोड़ेगा। यह फोरलेन सागर से निकलकर बंडा, दलपतपुर, शाहगढ़, मलहरा, गुलगंज, छतरपुर, गढ़ी मलहरा, श्रीनगर और महोबा होकर बनाया जा रहा है।
भोपाल-लखनऊ कॉरिडोर (Bhopal-Lucknow Corridor) के निर्माण से यूपी और एमपी के व्यवसाय और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा सीमेंट, मौरम और गिट्टी व्यवसाय (Cement Business) के साथ खनिज परिवहन (Mineral Transportation) में आसानी होगी।
इसके अलावा एमपी-यूपी के बुंदेलखंड़ के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। खजुहारो, ओरछा और चित्रकूट तक पर्यटक कम समय में आसानी से पहुंच सकेंगे। इधर, कानपुर के आसपास और वाराणसी-प्रयागराज तक पहुंच आसान होगी।
