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गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे के निवासियों की जीत, डंपिंग साइट पर रोक

मार्च माह में द्वारका एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया गया, जिससे लाखों परिवारों को रहने का अपना आशियाना मिला। लेकिन, द्वारका एक्सप्रेसवे के समीप दौलताबाद के रिहायशी इलाके में करीब छह एकड़ जमीन पर लैंडफिल साइट विकसित किए जाने की योजना से स्थानीय निवासियों ने गहरी चिंता व्यक्त की थी। यह चिंता विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों पर डंपयार्ड के प्रतिकूल स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर थी।
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गुरुग्राम

Gurugram: मार्च माह में द्वारका एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया गया, जिससे लाखों परिवारों को रहने का अपना आशियाना मिला। लेकिन, द्वारका एक्सप्रेसवे के समीप दौलताबाद के रिहायशी इलाके में करीब छह एकड़ जमीन पर लैंडफिल साइट विकसित किए जाने की योजना से स्थानीय निवासियों ने गहरी चिंता व्यक्त की थी। यह चिंता विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों पर डंपयार्ड के प्रतिकूल स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर थी।

निवासियों के विरोध प्रदर्शन के बाद, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम के उपायुक्त को निर्देश दिए कि वे दौलताबाद के डंपिंग स्टेशन के स्थान पर कूड़ा निस्तारण के लिए कोई अन्य स्थान चिन्हित कर उसका विकल्प तैयार करें। इस फैसले से द्वारका एक्सप्रेसवे सोसाइटी के निवासियों ने गहरी खुशी और राहत व्यक्त की है। यह निर्णय स्थानीय समुदाय के एक मजबूत आंदोलन के बाद आया है, जिसे विभिन्न रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और सामाजिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है।

द्वारका एक्सप्रेसवे की सोसाइटियों के लोगों का कहना है कि द्वारका एक्सप्रेसवे के समीप लाखों की तादाद में परिवार रहते हैं और ऐसे में लैंडफिल साइट के निर्माण पर सरकार द्वारा रोक से हम सभी खुश हैं। कूड़े की दुर्गंध से भूमि, जल और वायु प्रदूषण होगा, जिससे लोगों को अनेकों तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ेगा। बंधवाड़ी के आसपास लीचेट के कारण भूजल प्रदूषित हो गया है और आसपास के गांवों के लोग कैंसर तथा कई तरह के बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। यही हाल आने वाले समय में दौलताबाद, द्वारका एक्सप्रेसवे की सोसायटियों के लोगों का भी हो सकता था।

राइज ऑलवेज वेलफेयर एसोसिएशन (RAWS) के सचिव विंग कमांडर (सेवानिवृत्त)आर.डी. देशपांडे ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, डंपयार्ड पर रोक लगाने का निर्णय द्वारका एक्सप्रेसवे क्षेत्र के आसपास के लोगों के
जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला है। हम बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर बहुत चिंतित थे। माननीय मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से यह चिंता दूर होती दिख रही है, जिससे निवासियों में खुशी का माहौल है।”

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सबसे महत्वपूर्ण और विस्तृत हाउसिंग केंद्रों में से एक द्वारका एक्सप्रेसवे को इस निर्णय से बहुत लाभ होगा। सरकार की जवाबदेही ने न केवल तत्काल स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को कम किया है, बल्कि सक्रिय शासन और सामुदायिक कल्याण में निवासियों के बीच विश्वास भी बहाल किया है। इसमें शामिल आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठन इस परिणाम से बेहद खुश हैं और एक स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं जो सभी निवासियों की भलाई सुनिश्चित करता है।