हरियाणा में मौसम हर रोज बदल रहा करवट, कहीं तपता सूरज कहीं झमाझम बारिश, देखें आज का मौसम
Haryana Mousam News: उमस भरी गर्मी और बिजली की बढ़ती मांग के कारण धान की फसल खेतों में सूखने लगी है। इस महीने में अब तक प्रदेश में केवल 32 प्रतिशत बारिश हुई है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मानसून की बेरुखी से तापमान में वृद्धि हुई है, जिससे बिजली की मांग भी बढ़ गई है। लगातार बिजली कटौती के कारण ट्यूबवेल भी सही से नहीं चल पा रहे हैं, जिससे धान की फसल सूखने लगी है। किसानों को अब नुकसान होने का डर सताने लगा है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
17 जुलाई को मानसूनी हवाओं की सक्रियता में कमी, वर्षा गतिविधियों में कमी हो सकती है। 17 जुलाई की रात में मानसून की सक्रियता फिर से बढ़ने की संभावना।19 जुलाई तक ज्यादातर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना, तापमान में गिरावट की उम्मीद।
उमस और धान की बुआई के चलते बिजली की खपत में तेजी आई है। हिसार सर्कल में बिजली की खपत 127 लाख यूनिट के पार पहुंच गई है।
हरियाणा में मानसून की बेरुखी ने किसानों को परेशान कर दिया है और फसलों पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। बिजली की समस्या और बढ़ती गर्मी ने स्थिति को और कठिन बना दिया है। हालांकि, मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से राहत मिलने की उम्मीद है।
