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UP News: बिजली चोरी रोकने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन ने बनाया मास्टर प्लान

बिजली चोरी एक गंभीर समस्या है जो बिजली विभागों के सामने आ रही है। इसे रोकने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन (यूपीपीसी) ने एक नया कदम उठाया है। अब छापेमारी के दौरान वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराना अनिवार्य हो गया है।
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Brief NCR, UP News: बिजली चोरी एक गंभीर समस्या है जो बिजली विभागों के सामने आ रही है। इसे रोकने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन (यूपीपीसी) ने एक नया कदम उठाया है। अब छापेमारी के दौरान वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराना अनिवार्य हो गया है।

बिजली चोरी को रोकने के लिए विजिलेंस की टीमें निरंतर कार्य कर रही हैं, लेकिन कुछ मामलों में भी लाइन लास में कमी नहीं आ रही है। इसलिए यूपीपीसी ने छापेमारी के दौरान वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराने की आवश्यकता को महत्वपूर्ण मानते हुए यह नियम लागू किया है।

जब भी विजिलेंस की टीमें बिजली चोरी के मामले में कार्रवाई करती हैं, तो उन्हें वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करानी होगी। इसके बाद, जांच के लिए मौके से ही आरएमएस पोर्टल पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी अपलोड की जानी होगी। इस दौरान, उपभोक्ता को अपनी पहचान के प्रमाण के रूप में अपनी आईडी (पहचान पत्र) भी दिखानी होगी।

दे‍वरिया में लगभग 4.65 लाख विद्युत उपभोक्ता बिजली का उपयोग करते है। इसके लिए जिले में 42 विद्युत 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र से उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति किया जाता है। जिले को मिलने वाली बिजली में 20 से 25 प्रतिशत की बिजली लाइन लास में चली जाती है। क्षेत्र के कुछ लोग अवैध रुप से बिजली का उपयोग करते है। इसके खिलाफ विजलेंस छापेमारी करती है। इसे पावर कार्पोरेशन के एमडी पंकज कुमार ने गंभीरता से लेते हुए सभी जिले के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि विजिलेंस की टीम छापेमारी करते समय वीडियो रिकार्डिंग और फोटोग्राफी भी करेंगे। इसके साथ ही मौके पर जांच रिपोर्ट को निर्धारित प्रारूप में आरएमएस पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। जिससे क्षेत्र में हो रहे बिजली चोरी पर रोक लगाया जा सके। विभाग की प्रतिमाह हो रहे लाखों के नुकसान को कम किया जा सके।
 
विजिलेंस टीम को मीटर की चेकिंग के समय जियोटैग फोटो इस प्रकार लेना होगा कि मीटर की रीडिंग के साथ ही तिथि व समय भी फोटो में अंकित दिखे। यदि उपभोक्ता चेकिंग टीम के साथ फोटो लेना चाहता है तो उसके साथ फोटो लेना होगा। चेकिंग के बाद मौके पर ही जांच आख्या तय प्रारूप में आरएमएस पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाए। इसके लिए जांच टीम प्रभारी उत्तरदायी होंगे।
 
देवरिया के अधीक्षण अभियंता जीसी यादव ने बताया कि जिले में विभाग की विजिलेंस टीम को छापेमारी के दौरान अपने छापेमारी के दौरान वीडियोर्ग्राफी और फोटो लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही जांच आख्या मौके पर आन लाइन करना होगा। इसके लिए आलाधिकारियों ने निर्देश दिया है।
 
उपभोक्ताओं घर पर गई विजिलेंस की टीम के छापेमारी के दौरान सदस्यों से नाम व मोबाइल नंबर पूछ सकता है। उनके परिचय पत्र को देख सकता है। परिसर में पुरुष के नहीं होने पर परिसर के अंदर जांच कराने से रोक सकता है। महिला कर्मी टीम में होने पर ही परिसर के अंदर जांच की जा सकेगी। जांच में पाई गई कमियों का विवरण उपभोक्ता जान सकता है। बिजली चोरी की स्थिति में मौके पर ही राजस्व निर्धारण करते हुए अनुमानित राशि उपभोक्ता को बतानी होगी।