7th Pay Commission: केन्द्रीय कर्मचारियों के इन भत्तों में बढ़ोतरी का हुआ ऐलान
Brief NCR, 7th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता (डीए) 46 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है. डीए बढ़ोतरी के साथ-साथ कई अन्य भत्ते भी बढ़ाए गए हैं। इसके अलावा, कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी लाभ में भी वृद्धि हुई है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, सरकार ने डीए में 50 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ सेवानिवृत्ति और मृत्यु ग्रेच्युटी सीमा को 25 फीसदी तक बढ़ा दिया है. इसका मतलब है कि सेवानिवृत्ति और मृत्यु ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा मौजूदा ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख कर दी गई है।
कौन कौन से भत्ते बढ़ेंगे
जब भी महंगाई भत्ते में इजाफा होता है तो इसके साथ किराया भत्ता (HRA) भी बढ़ जाता है। हालांकि, एचआरए (HRA) शहरों के कैटेगरी के हिसाब से बढ़ाया जाता है।सरकार ने X,Y Z शहरों के कैटेगिरी में आने वाले कर्मचारियों के एचआरए में भी इजाफा किया है। कार्मिक मंत्रालय ने आदेश दिया कि डीए के 50 फीसदी हो जाने के बाद अब बच्चों की पढ़ाई हॉस्टल सब्सिडी की लिमिट भी बढ़ गई है।
इन दोनों भत्तों में 25 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसके अलावा सरकार ने विकलांग महिलाओं के लिए बाल देखभाल जो कि स्पेशल अलाउंस है उसमें भी संशोधन किया है। इसके अलावा सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी और डेथ ग्रेच्युटी में भी वृद्धि की गई है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में 1 से 1.30 लाख तक का इजाफा हुआ है।
ग्रेच्युटी की सीमा
भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के आदेश के अनुसार सरकार ने डीए में 50% की वृद्धि के साथ रिटायरमेंट और डेथ ग्रेच्युटी की सीमा (Gratuity Hike) को भी 25% बढ़ा दिया है।
इसके तहत 1 जनवरी 2024 से रिटायरमेंट और डेथ ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा मौजूदा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। इससे सरकारी कर्मचारियों के साथ प्राइवेट कर्मचारियों को भी लाभ हुआ है।
ग्रेच्युटी? (Gratuity) क्या होती है ?
किसी भी कंपनी में लगातार 5 साल काम करने पर कर्मचारी को ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाता है। पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के तहत जिस भी कंपनी में 10 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं उसे अपने कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ देना होता है।
आमतौर पर यह पैसा तब मिलता है जब वो कर्मचारी नौकरी छोड़ता है या फिर वह रिटायर होता है। कंपनी में कार्य करते समय अगर कर्मचारी की मौत हो जाती है तो ग्रेच्युटी की रकम नॉमिनी को मिलती है। यहां 5 साल का नियम लागू नहीं होता है।
