Agriculture News: इस राज्य के किसानों के लिए गुड न्यूज ! मक्का की खेती पर सरकार दे रही 50% सब्सिडी
Agriculture News: बिहार के किसान धान, गेहूं, दलहन, तिलहन, आम, अमरूद, केला और आलू सहित कई तरह की पारंपरिक और बागवानी फसलों की खेती करते हैं। लेकिन अब किसानों का रुझान धीरे-धीरे मोटे अनाजों की तरफ बढ़ रहा है। इसके लिए राज्य सरकार भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है, खासकर मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए।
मक्का की खेती के लिए सरकार का प्रोत्साहन
बिहार सरकार खरीफ मक्का का रकबा बढ़ाने के लिए खरीफ मक्के की बीज पर सब्सिडी दे रही है। वर्तमान में मक्के की 8 किस्मों पर सब्सिडी उपलब्ध है। किसान अपने मर्जी के अनुसार किसी भी किस्म के मक्के का बीज अनुदान पर खरीद सकते हैं।
| बीज की किस्म | सब्सिडी (%) | उपज (क्विंटल/हेक्टेयर) |
|---|---|---|
| हाईब्रिड 1 | 50% | 80 |
| हाईब्रिड 2 | 50% | 85 |
| हाईब्रिड 3 | 50% | 90 |
| हाईब्रिड 4 | 50% | 95 |
| हाईब्रिड 5 | 50% | 100 |
| हाईब्रिड 6 | 50% | 105 |
| हाईब्रिड 7 | 50% | 110 |
| हाईब्रिड 8 | 50% | 115 |
जैविक खेती को प्रोत्साहन
विशेषज्ञों का कहना है कि ये हाईब्रिड बीज तीन महीने में ही तैयार हो जाएंगे। किसानों को मक्के की खेती जैविक विधि से करने की सलाह दी गई है। इसमें रसायनों का उपयोग कम से कम करना होगा और कीटनाशकों का इस्तेमाल भी बहुत ही कम मात्रा में करना चाहिए। रासायनिक खाद की जगह गोबर और वर्मी कंपोस्ट का उपयोग करने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और अनाज की गुणवत्ता भी अच्छी रहती है।
मक्के की खेती के फायदे
बिहार मक्के की खेती के लिए प्रसिद्ध है, विशेषकर कटिहार जिले में जहां बड़े पैमाने पर मक्के की खेती की जाती है। कोढ़ा प्रखंड मक्के की खेती के लिए बहुत मशहूर है। रबी सीजन में कटिहार जिले में जलवायु अनुकूल कृषि प्रोग्राम के अंतर्गत कुल लगभग 450 एकड़ में मेढ़ पर मक्के की खेती की गई है।
मक्का की खेती के लाभ
कम पानी की आवश्यकता: धान की खेती में पानी बहुत अधिक लगता है जबकि मक्का कम पानी में अधिक उपज देता है।
जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद: मक्के की खेती कर फसल चक्र सुधारने में मदद मिलेगी।
अधिक मुनाफा: मक्का की खेती से किसानों को अधिक मुनाफा हो सकता है।
कृषि क्षेत्र में बदलाव
किसानों को धान और गेहूं के फसल चक्र से निकालने और नकदी फसलों पर फोकस करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे न केवल जल संसाधनों की बचत होगी, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। सरकार के इस कदम से कृषि क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है, जो बिहार के किसानों को एक नई दिशा में ले जाएगा।
बिहार में मक्का की खेती को बढ़ावा देने के इस प्रयास से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। इससे राज्य की समृद्धि और विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद मिलेगी।
