कल हुआ बड़ा ऐलान, मिलेगा आठवें वेतन आयोग का लाभ
8th Pay Commission: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में प्रस्तुत किया। इस बजट में उन्होंने आयकर में छूट देने और नई कर प्रणाली (न्यू टैक्स रिजीम) में बदलाव करने की घोषणा की, जिससे नौकरीपेशा वर्ग को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग—आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन पर सरकार ने पूरी तरह चुप्पी साधी है।
वित्त मंत्री ने आयकर में छूट देने का ऐलान किया, जिससे आम आदमी को टैक्स के बोझ से राहत मिलेगी। नई कर प्रणाली के तहत करदाताओं को राहत देने के लिए कई बदलाव किए गए हैं, जिससे नौकरीपेशा वर्ग को सीधी आर्थिक राहत मिली है।
बजट में आठवें वेतन आयोग के गठन पर कोई उल्लेख नहीं किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार अभी वेतन आयोग गठित करने की जल्दबाजी में नहीं है। सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की घोषणा 2011 में की गई थी और इसे 2016 से लागू किया गया था। इसके बाद से, केंद्रीय कर्मचारियों ने आठवें वेतन आयोग की मांग की है, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से महंगाई भत्ते और मूल वेतन में भारी वृद्धि हुई थी, जिससे सरकार पर आर्थिक बोझ पड़ा। मुफ्त योजनाओं और वेतन आयोग के लागू होने से राज्यों की वित्तीय स्थिति पहले से ही खराब है, और सरकार इस समय अतिरिक्त वित्तीय दबाव से बचने के प्रयास में है।
मोदी सरकार का बजट 2024 नौकरीपेशा वर्ग को राहत देने वाले कई महत्वपूर्ण प्रावधानों के साथ आया है, लेकिन केंद्रीय कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग—आठवें वेतन आयोग के गठन पर मौन रहने से उनकी उम्मीदें धरी की धरी रह गई हैं। सरकार ने महंगाई भत्ते और वेतन में इजाफे की बजाय आर्थिक संतुलन बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया है।
