केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट जारी, फटाफट से चेक करें
7th Pay Commission News: केंद्र सरकार द्वारा अधिक भुगतान होने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को उनकी वसूली में माफी की खबर आई है। वित्तमंत्रालय, व्यवविभाग के द्वारा जारी महत्वपूर्ण सर्कुलर के अनुसार, रिटायर होने के बाद भी अधिक भुगतान की वसूली के नोटिसों को रोका गया है।
पेंशनभोगियों को अक्सर रिटायर होने के बाद भी भुगतान की वसूली के नोटिस मिलते रहते हैं, जो कई बार उन्हें परेशानी में डाल देते हैं। इससे उन्हें अपनी व्यक्तिगत जीवनशैली को संभालने में कठिनाई होती है।
इस नई सरकुलर के तहत, कुछ सेवा शर्तों के आधार पर अब पेंशनभोगियों को अधिक भुगतान की वसूली नहीं होगी। यह निर्णय उन्हें आराम से जीवन बिताने में मदद करेगा। इस नई पहल के माध्यम से, सरकार ने पेंशनभोगियों के लिए आर्थिक उत्थान का मार्ग प्रशस्त किया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह नई योजना पेंशनभोगियों को सुकून और सुरक्षा का अहसास कराएगी।
पेंशन नियम 2021 के उप नियम 15 सरकारी कर्मचारियों को किए गए अधिक भुगतान की वसूली की छूट से संबंधित हैं, इस नियम के अनुसार भारत के राष्ट्रपति के विशेष आदेश द्वारा विभाग के वरिष्ट अधिकारियों को कुछ शक्तियां प्रदान की गई हैं जिसके तहत वे गलती से अधिक भुगतान की गई राशि की वसूली को माफ कर सकते हैं, लेकिन कुछ नियम शर्तों के अधीन ही यह नियम लागू होता है।
अधिक भुगतान का जब पता चलता हैं तो एक महीने के भीतर अगर वसूली के आदेश जारी नहीं किए जाते हैं तो कुछ शर्तों के आधार पर कर्मचारी और पेंशनभोगी की अधिक भुगतान की वसूली माफ की जा सकती हैं। अगर कर्मचारी पेंशनभोगी को अधिक भुगतान हुआ हैं, तो विभाग के वित्तीय सलाहकार की समिति से 20 हजार तक अधिक भुगतान की वसूली को माफ किया जा सकता हैं।
अधिक भुगतान की वसूली की माफी के लिए विभागों और मंत्रालयों को कार्रवाई करते समय करना होगा इन दिशानिर्देंशों का पालन विभागों को यह सत्यापित करना हैं कि सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी की तरफ से कोई गलती नहीं हुई हैं, अगर किसी विभाग और मंत्रालय को लगता हैं कि अधिक भुगतान विभाग और मंत्रालय की गलती से हुआ हैं तो DOPT के दिशा निर्देशों के अनुसार कर्मचारियों और पेंशनधारकों से अधिक भुगतान की वसूली नहीं करना हैं।
कर्मचारियों और पेंशनधारकों से अधिक भुगतान की वसूली की माफी की सिफारिश, विभाग और मंत्रालय के वित्तीय सलाहकार द्वारा की जानी चाहिए और प्रशासनिक सचिव द्वारा मंजूर की जानी चाहिए। अगर कर्मचारी और पेंशनभोगी को अधिक भुगतान गलत वेतन निर्धारण की वजह से हुआ हैं और लंबे समय तक इसका पता नहीं चला हैं तो मंत्रालय विभाग को ध्यान में रखना है कि ऑडिटर के द्वारा नियमित समीक्षा के दौरान ऐसे मामलों पर ध्यान क्यों नही दिया गया।
ऐसे मामलों में जहां वसूली की माफी के निर्देश अदालत के द्वारा दिए गए हैं, तो मंत्रालयों और विभागों को खुद को संतुष्ट करना चाहिए कि उनकी तरफ से कोई गलती नहीं हुई हैं, तो ऐसे अदालत के निर्देशों को चुनौती दी जाए या ना दी जाए यह विभाग ताय करेंगा।
यदि कोई पहले की वसूली नियमों या प्रक्रियाओं की गलत व्याख्या के कारण माफ कर दिया गया हैं, तो मंत्रालय और विभाग भविष्य के मामलों में वसूली की माफी के लिए फिर से सभी मामलों की समीक्षा करेंगें, मंत्रालय और विभाग को नियमों या प्रक्रियाओं की गलत व्याख्या के कारण अधिक भुगतान के मामले में उचित उपाय करेंगें और ऐसी कमियों को ठीक करेंगे।
वहीं अब कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए खुशखबरी आ रही हैं कि अगर अधिक भुगतान हुआ हैं तो 2 लाख रुपये तक की वसूली को माफ किया जाएगा, विभाग के वित्तीय सलाहकार की समिति की सिफारिश के अनुसार यह कार्रवाई की जाएगी।
