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Central Employees News: केन्द्रीय कर्मचारियों की टूट गई उम्मीदें ! बजट ने नहीं दिया जरा भी साथ

23 जुलाई को मोदी सरकार ने लोकसभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अपना बजट पेश किया। इस बजट में पीएम पैकेज के तहत 5 नई योजनाओं की शुरुआत की घोषणा की गई है। इसके साथ ही मीडिल क्लास को राहत देने के लिए नई कर व्यवस्था के टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया है। हालांकि, इस बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए कोई राहत नहीं दी गई है, जिससे उनकी उम्मीदें धरी की धरी रह गई हैं।
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Central Employees News

Central Employees News: 23 जुलाई को मोदी सरकार ने लोकसभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अपना बजट पेश किया। इस बजट में पीएम पैकेज के तहत 5 नई योजनाओं की शुरुआत की घोषणा की गई है। इसके साथ ही मीडिल क्लास को राहत देने के लिए नई कर व्यवस्था के टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया है। हालांकि, इस बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए कोई राहत नहीं दी गई है, जिससे उनकी उम्मीदें धरी की धरी रह गई हैं।

सरकार ने 5 नई योजनाओं की शुरुआत की घोषणा की है, जो विभिन्न क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देंगी। मध्यम वर्ग के लोगों को राहत देने के लिए टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एनपीएस के तहत एंप्लायर की ओर से योगदान की लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। केंद्रीय कर्मचारियों को बजट 2024 से बड़ी उम्मीदें थीं, विशेषकर 50% पेंशन गारंटी और 8वें वेतन आयोग की घोषणा को लेकर। हालांकि, सरकार ने इन मुद्दों पर कोई निर्णय नहीं लिया।

बजट में 50% पेंशन गारंटी की कोई घोषणा नहीं की गई। 8वें वेतन आयोग की गठन पर भी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। एनपीएस में एंप्लायर की ओर से योगदान की लिमिट को 10% से बढ़ाकर 14% करने का प्रस्ताव है।

केंद्रीय कर्मचारियों और श्रमिक परिसंघ के महासचिव एसबी यादव ने 8वें वेतन आयोग, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, और महंगाई भत्ते की जारी रखने की मांग की थी। लेकिन बजट में इन मुद्दों पर कोई खास घोषणा नहीं की गई।

इस बजट ने सरकारी कर्मचारियों को निराश किया है, लेकिन मीडिल क्लास को कर राहत और एनपीएस में सुधार का लाभ मिलेगा। कर्मचारियों को अब सरकार की ओर से अगली घोषणाओं का इंतजार रहेगा।