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मोदी 3.0 के बाद आठवें वेतन आयोग की चर्चाएं हुई तेज, जुलाई महीने में बड़ा तोहफा मिलने की आस

लोकसभा चुनाव और नई सरकार के सत्ता संभालने के बाद, ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन (AIRF) ने केंद्र सरकार से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission News) के गठन का आग्रह किया। यह वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन में संभावित संशोधन पर सिफारिशें करेगा।
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8th Pay Commission

8th Pay Commission: लोकसभा चुनाव और नई सरकार के सत्ता संभालने के बाद, ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन (AIRF) ने केंद्र सरकार से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission News) के गठन का आग्रह किया। यह वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन में संभावित संशोधन पर सिफारिशें करेगा।

AIRF का पत्र

भारतीय रेलवे कर्मचारियों (Indian Railway Employees) की सबसे बड़ी ट्रेड यूनियन, ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने भारत सरकार के कैबिनेट सचिव को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के “वेतन/भत्ते/पेंशन और अन्य लाभों को संशोधित करने” के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तत्काल गठन की मांग की है।

केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें

केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी बेसब्री से 8वें वेतन आयोग के गठन का इंतजार कर रहे हैं। यह आयोग सरकार को कर्मचारियों के वेतन और अन्य लाभों से संबंधित विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सिफारिशें सौंपेगा।

सातवाँ वेतन आयोग 

7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की गई थीं। लेकिन, न्यूनतम वेतन को 26,000 रुपये प्रति माह करने की मांग खारिज कर दी गई थी। 7वें वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन के रूप में 18,000 रुपये की सिफारिश की थी, जो कर्मचारियों के पक्ष की प्रस्तावित राशि से कम थी।

8वें वेतन आयोग की आवश्यकता

केंद्र सरकार आमतौर पर दो वेतन आयोगों के कार्यान्वयन के बीच 10 साल का अंतराल रखती है। अगला वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होना चाहिए। लेकिन, अब तक केंद्र ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। लोकसभा चुनाव समाप्त हो चुके हैं और मोदी 3.0 सत्ता में है, जिससे 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

न्यूनतम वेतन की मांग

AIRF ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि उसने राष्ट्रीय परिषद (JCM) के कर्मचारी पक्ष के प्रस्तावित न्यूनतम वेतन को लेकर अपने तर्क प्रस्तुत किए थे। दुर्भाग्य से, 7वें वेतन आयोग ने इन तर्कों को खारिज कर दिया और 18,000 रुपये का न्यूनतम वेतन निर्धारित किया।

8वें वेतन आयोग का गठन केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। AIRF की मांग सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, जो कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति को सुधारने में मदद करेगा। अब देखना यह है कि सरकार इस पर कब और कैसे कार्रवाई करती है।