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हरियाणा में आंगनवाड़ियों के भवनों की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए खर्च होगें ! 17 करोड़

हरियाणा के महिला एवं बाल विकास मंत्री असीम गोयल ने हाल ही में आंगनवाड़ियों के भवनों की मरम्मत और नवीनीकरण की योजना का ऐलान किया। इसके तहत, प्रथम चरण में 1000 आंगनवाड़ियों की मरम्मत के लिए 17 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
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हरियाणा में आंगनवाड़ियों के भवनों की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए खर्च होगें ! 17 करोड़ 

Haryana Govt: हरियाणा के महिला एवं बाल विकास मंत्री असीम गोयल ने हाल ही में आंगनवाड़ियों के भवनों की मरम्मत और नवीनीकरण की योजना का ऐलान किया। इसके तहत, प्रथम चरण में 1000 आंगनवाड़ियों की मरम्मत के लिए 17 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

आवश्यकता के अनुसार, कई गांवों में आंगनवाड़ियों के नए भवनों का निर्माण भी किया जाएगा। इससे बच्चों और महिलाओं के लिए एक बेहतर वातावरण का निर्माण होगा, जिसमें उन्हें पूरक पोषण और प्री-स्कूल शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।

राज्य में आंगनवाड़ियों की कुल संख्या                               25,450
विभाग के स्वामित्व वाली इमारतों में आंगनवाड़ियाँ               9,900
भवनों या स्कूल परिसरों में चलने वाली आंगनवाड़ियाँ           15,550
लाभार्थियों की संख्या                                                     12 लाख

 

अंबाला में एक बहुउद्देश्यीय विभागीय भवन का भी निर्माण किया जाएगा। इस भवन के निर्माण से विभागीय कार्यों में और अधिक सुविधा होगी और योजनाओं का बेहतर कार्यान्वयन हो सकेगा।

 महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि आंगनवाड़ियों में बच्चों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के लिए बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करना आवश्यक है।

प्री-स्कूल शिक्षा: बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है। बच्चों का नियमित टीकाकरण किया जाता है।स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान की जाती है।
स्वास्थ्य जांच और नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। आंगनवाड़ियों के मौजूदा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ ही, आंगनवाड़ियों की नई इमारतों और पंजीरी प्लांटों की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, सभी आंगनवाड़ियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

हरियाणा सरकार द्वारा आंगनवाड़ियों के भवनों की मरम्मत और नवीनीकरण का यह कदम बच्चों और महिलाओं के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि बच्चों को एक स्वस्थ और शिक्षित वातावरण भी मिलेगा।