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किसान भाइयों को मालामाल कर देगी इस चीज की खेती, पैसों की होगी बारिश

काली मिर्च, जिसे मसालों का राजा भी कहा जाता है, भारतीय व्यंजनों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मसाले का उत्पादन ज्यादातर दक्षिण भारत में होता है, खासकर केरल में, जहां इसका 90 प्रतिशत उत्पादन होता है। हाल ही में देश के अन्य हिस्सों में भी काली मिर्च की खेती को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए हैं और यह सफल साबित हुए हैं।
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Black pepper cultivation

Black pepper cultivation: काली मिर्च, जिसे मसालों का राजा भी कहा जाता है, भारतीय व्यंजनों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मसाले का उत्पादन ज्यादातर दक्षिण भारत में होता है, खासकर केरल में, जहां इसका 90 प्रतिशत उत्पादन होता है। हाल ही में देश के अन्य हिस्सों में भी काली मिर्च की खेती को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए हैं और यह सफल साबित हुए हैं।

काली मिर्च की खेती

हजारीबाग के कृषि अनुसंधान केंद्र डेमोटांड़ में भी काली मिर्च की खेती का एक मॉडल स्थापित किया गया है। यहां पर काली मिर्च को चाय बगान में भिन्न-भिन्न पेड़ों के ऊपर लगाया गया है, जो कि सफलतापूर्वक व्यवस्थित किया गया है। कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि इस प्रक्रिया के द्वारा किसानों को नई तकनीक सीखने और उन्हें अधिक मुनाफे कमाने का अवसर मिल रहा है।

काली मिर्च की विशेषताएँ और उपयोग

काली मिर्च भारत में अपने तीखे स्वाद और मसालेदार गुणों के लिए प्रसिद्ध है। इसकी खेती के लिए उपयुक्त भूमि भी अधिकांश गर्म और उमसल जलवायु में होती है। यह पौधा लगभग 25 से 60 वर्षों तक जीवित रह सकता है और उसके लत का सहारा लेकर इसे आसानी से बढ़ाया जा सकता है।
 
काली मिर्च की खेती भारतीय किसानों के लिए एक वरदान साबित हो सकती है। इसके अलावा, यह उन क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण है जहां अन्य फसलें उगाने में मुश्किल होती हैं। किसानों को इस खेती के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अनुसंधान केंद्रों का सहारा लेना चाहिए और इसे अपनी खेती में शामिल करने के लिए तैयार होना चाहिए।