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केन्द्रीय कर्मचारियों में दौड़ी खुशी की लहर, मोदी 3.0 ने आठवें वेतन का प्रस्ताव किया स्वीकार

सरकारी कर्मचारियों (Central Government Employees) के लिए बजट 2024 से पहले ही अच्छी खबर आ गई है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पास 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का प्रस्ताव भेजा गया है। यह वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बेसिक वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य फायदों की समीक्षा करेगा।
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8th Pay Commission

8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों (Central Government Employees) के लिए बजट 2024 से पहले ही अच्छी खबर आ गई है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पास 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का प्रस्ताव भेजा गया है। यह वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बेसिक वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य फायदों की समीक्षा करेगा।

मोदी सरकार का पहला पूर्ण बजट

मोदी 3.0 (Modi 3.0) का पहला पूर्ण बजट जुलाई के तीसरे हफ्ते में पेश होने की संभावना है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में 8वें वेतन आयोग के प्रस्ताव पर चर्चा कर सकती हैं। नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड, जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी फॉर सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉईज) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर आठवें वेतन आयोग का गठन करने की मांग की है।

वेतन आयोग 

हर 10 साल में केंद्रीय वेतन आयोग (Pay Commission) का गठन होता है, जो केंद्रीय कर्मचारियों की मौजूदा तनख्वाह और अन्य भत्तों की समीक्षा करता है और उसमें इजाफे की सिफारिश करता है। 7वां वेतन आयोग (7th Pay Commission) पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा फरवरी 2014 में लाया गया था और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुईं।

वेतन वृद्धि

शिव गोपाल मिश्रा का कहना है कि कोरोना के बाद मुद्रास्फीति में इजाफा हुआ है। 2016 से 2023 तक रोजमर्रा की आवश्यक चीजों की खुदरा कीमतों में 80 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने की जरूरत है।

कर्मचारियों की उम्मीदें

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी 8वें केंद्रीय वेतन आयोग पर अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी की तीसरी बार सत्ता में वापसी के साथ ही कर्मचारियों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। मिश्रा का कहना है कि अब वक्त बदल गया है और सरकारी कर्मचारियों की सैलरी की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए।

8वें वेतन आयोग का प्रस्ताव सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल उनकी मौजूदा वित्तीय स्थिति में सुधार होगा बल्कि उनकी भविष्य की आवश्यकताओं को भी पूरा किया जा सकेगा। मोदी सरकार के इस कदम से लाखों सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदें और विश्वास दोनों बढ़े हैं।