OLd Pension Scheme: केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर ! पुरानी पेंशन स्कीम पर अभी अभी आया बड़ा अपडेट
OLd Pension Scheme: राज्य में मौजूदा सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना के स्थान पर नई ओपीएस योजना लागू की जा सकती है। इसके तहत अब 50 फीसदी राज्य पेंशन प्रावधान लागू करने का विचार किया जा रहा है.
ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) क्या है?
ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) वह पेंशन प्रणाली थी जिसमें सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मासिक पेंशन दी जाती थी। यह पेंशन उनके वेतन का एक निश्चित प्रतिशत होती थी। इस स्कीम को कुछ साल पहले बंद कर दिया गया था, लेकिन कई राज्यों में इसे फिर से लागू करने की मांग उठ रही है।
नई पेंशन स्कीम (NPS) क्या है?
नई पेंशन स्कीम (NPS) को 2004 के बाद लागू किया गया था। इसमें कर्मचारियों की पेंशन का एक हिस्सा उनके वेतन से काटा जाता है और इसे एक पेंशन फंड में जमा किया जाता है। यह फंड सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी को पेंशन के रूप में मिलता है।
नई पेंशन स्कीम के प्रस्तावित बदलाव
प्रदेश सरकार की ओर से ओल्ड पेंशन की जगह नई पेंशन स्कीम शुरू करने की संभावना है। ओल्ड पेंशन की जगह अब नई पेंशन स्कीम को लागू करने को लेकर विचार चल रहा है। प्रदेश सरकार आंध्र प्रदेश की तर्ज पर 50% पेंशन लागू करने का नया नियम बना सकती है। वित्त आयोग के स्तर पर कागजी कार्रवाई की जा रही है, लेकिन नीतिगत निर्णय होने की वजह से आचार संहिता खत्म होने के बाद ही इसके संबंध में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
राज्यों में नई पेंशन स्कीम की स्थिति
ज्यादातर राज्यों में केंद्र सरकार द्वारा नई पेंशन स्कीम लागू की जा रही है। हालांकि, कर्मचारी हमेशा ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने की मांग उठाते रहे हैं। इसके अलावा, सरकार इसके संबंध में बीच वाला रास्ता निकालने का प्रयास कर रही है, जिसमें कर्मचारियों को 50% पेंशन का झांसा दिया जा रहा है।
राजस्थान में
राजस्थान की प्रदेश सरकार द्वारा पेंशन के तौर पर सालाना करीब 26,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। इसमें सोशल सिक्योरिटी पेंशन पर भी लगभग 11,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं।
नई पेंशन स्कीम के जरिए सरकार पेंशन प्रणाली में सुधार लाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, कर्मचारियों की मांग को ध्यान में रखते हुए, उन्हें 50% पेंशन का प्रावधान देने का विचार किया जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रदेश सरकार इस मामले में क्या निर्णय लेती है।
