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केन्द्रीय कर्मचारियों की किस्मत को लगे चार चाँद, केंद्र सरकार देने जा रही यह बड़ा तोहफा, जानें..

नई सरकार बनने के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों (Central Employees) और पेंशनभोगियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) को दस साल पूरे हो रहे हैं और अब 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लागू करने की मांग जोर पकड़ रही है।
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7th Pay Commission

7th Pay Commission: नई सरकार बनने के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों (Central Employees) और पेंशनभोगियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) को दस साल पूरे हो रहे हैं और अब 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लागू करने की मांग जोर पकड़ रही है।

8वें वेतन आयोग की आवश्यकता

राष्ट्रीय परिषद सचिव (कर्मचारी दल, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए संयुक्त सलाहकार तंत्र) शिव गोपाल मिश्रा ने सरकार से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission News) को जल्द से जल्द लागू करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद से सरकारी राजस्व और मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे महंगाई भत्ते और आवश्यक वस्तुओं की कीमत में अंतर बढ़ता जा रहा है।

सातवें वेतन आयोग के बाद की स्थिति

सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission Latest Update) के लागू होने के दस साल बाद 1 जनवरी 2026 तक नया वेतन आयोग लागू होने की उम्मीद है। हालांकि, केंद्र की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

कर्मचारी संगठन की मांगें

शिव गोपाल मिश्रा ने कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र में इन आर्थिक वास्तविकताओं को संबोधित करने के लिए एक नए वेतन आयोग की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि 2015 के बाद से सरकारी राजस्व दोगुना हो गया है, जबकि कर संग्रह में भी काफी वृद्धि हुई है।

कर्मचारियों पर काम का दबाव

पिछले एक दशक में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की संख्या में लगभग दस लाख की कमी आई है, जिससे अन्य कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ गया है। मिश्रा ने वेतन मैट्रिक्स की समय-समय पर समीक्षा की भी सिफारिश की और कहा कि दस साल तक इंतजार न करें।

अकरोयड फॉर्मूला का प्रस्ताव

सिफारिश में अकरोयड फॉर्मूला को एक मानक फॉर्मूला के रूप में प्रस्तावित किया गया है, जो आवश्यक वस्तुओं की बदलती कीमतों को ध्यान में रखता है। यह वेतन समायोजन के लिए अधिक गतिशील दृष्टिकोण प्रदान करता है।

इसके अलावा, मिश्रा ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) जैसी चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। इसके तहत कर्मचारियों के मूल वेतन और डीए का 10% काटा जाता है, जिससे उनके हाथ में आने वाला वेतन कम हो जाता है।