केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए त्यौहार से कम नहीं आज का दिन, शाम तक होगा यह बड़ा ऐलान
कर्नाटक मंत्रिमंडल ने सोमवार को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें एक अगस्त से लागू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया मंगलवार को विधानसभा में इस फैसले की घोषणा कर सकते हैं। इस कदम से राज्य सरकार के सात लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ होगा।
| Updated: Jul 23, 2024, 12:43 IST
DA Hike: कर्नाटक मंत्रिमंडल ने सोमवार को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें एक अगस्त से लागू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया मंगलवार को विधानसभा में इस फैसले की घोषणा कर सकते हैं। इस कदम से राज्य सरकार के सात लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ होगा।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत सरकारी कर्मचारियों के मूल वेतन में 27.5 प्रतिशत बढ़ोतरी की जाएगी। इससे सरकारी खजाने पर सालाना 17,440.15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने का अनुमान है।
कर्नाटक राज्य सरकारी कर्मचारी संघ ने अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की योजना बनाई थी। इसके कारण सिद्धरमैया सरकार पर वेतन वृद्धि से संबंधित निर्णय लेने का दबाव था।
मार्च 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कर्मचारियों के वेतन में अंतरिम तौर पर 17 प्रतिशत की वृद्धि की थी। इसमें सिद्धरमैया सरकार 10.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकती है, जिससे कुल मिलाकर 27.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को बजट पेश करने जा रही हैं। बजट में आठवें वेतन आयोग से जुड़ा फैसला आ सकता है। केंद्र सरकार के कर्मचारी बजट से यह उम्मीद लगाए हुए हैं।
सरकार को केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, भत्ते, पेंशन और दूसरी सुविधाओं को संशोधित करने के लिए आठवां वेतन आयोग लागू करने का प्रस्ताव मिला है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार इस साल सितंबर तक आठवां वेतन आयोग लागू करने की प्रक्रिया पूरी कर देगी।
कर्नाटक सरकार का सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि उनकी कार्य क्षमता और उत्साह में भी वृद्धि होगी। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारी भी आठवें वेतन आयोग से जुड़ी उम्मीदों को लेकर सकारात्मक हैं।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत सरकारी कर्मचारियों के मूल वेतन में 27.5 प्रतिशत बढ़ोतरी की जाएगी। इससे सरकारी खजाने पर सालाना 17,440.15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने का अनुमान है।
कर्नाटक राज्य सरकारी कर्मचारी संघ ने अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की योजना बनाई थी। इसके कारण सिद्धरमैया सरकार पर वेतन वृद्धि से संबंधित निर्णय लेने का दबाव था।
मार्च 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कर्मचारियों के वेतन में अंतरिम तौर पर 17 प्रतिशत की वृद्धि की थी। इसमें सिद्धरमैया सरकार 10.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकती है, जिससे कुल मिलाकर 27.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को बजट पेश करने जा रही हैं। बजट में आठवें वेतन आयोग से जुड़ा फैसला आ सकता है। केंद्र सरकार के कर्मचारी बजट से यह उम्मीद लगाए हुए हैं।
सरकार को केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, भत्ते, पेंशन और दूसरी सुविधाओं को संशोधित करने के लिए आठवां वेतन आयोग लागू करने का प्रस्ताव मिला है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार इस साल सितंबर तक आठवां वेतन आयोग लागू करने की प्रक्रिया पूरी कर देगी।
कर्नाटक सरकार का सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि उनकी कार्य क्षमता और उत्साह में भी वृद्धि होगी। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारी भी आठवें वेतन आयोग से जुड़ी उम्मीदों को लेकर सकारात्मक हैं।
