UP News: पीले तरबूज की खेती से सहारनपुर के किसान को भारी मुनाफा ! जर्मनी से मंगवाए बीज
UP News; आज के समय में किसान नई तकनीक का इस्तेमाल कर खेती से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। सहारनपुर के मेरवानी के निवासी 68 साल के किसान आदित्य त्यागी ने विदेशी पीले रंग के तरबूज की खेती कर कमाल कर दिया। इस विदेशी तरबूज की खेती से आदित्य त्यागी मोटी कमाई कर रहे हैं।
जर्मनी से मंगवाए बीज से शुरूआत
आदित्य त्यागी ने बताया कि जर्मनी से बीज मंगाकर पहली बार ट्रायल के तौर पर एक बीघे में पीले तरबूज की खेती की गई। इसका उत्पादन अच्छा रहा। लाल तरबूज की तुलना में इस तरबूज की कीमत बाजार में अधिक मिल जाती है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही इसमें कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर के लिए काफी लाभदायक होते हैं। लाल तरबूज और पीला तरबूज में स्वाद में काफी अंतर होता है। वहीं, एक पेड़ में 8-10 फल आते हैं।
पीले तरबूज की विशेषताएं
पीले तरबूज की खेती कर रहे किसान आदित्य त्यागी बताते हैं कि लाल और पीले तरबूज में कई अंतर हैं। पीला तरबूज खाने में बहुत मीठा होता है। साथ ही इसकी स्टोरेज कैपेसिटी अधिक होती है। बाजार में इसकी मांग भी होने लगी है। यह आसानी से ₹40 से 50 किलो के हिसाब से बिक जाता है, जबकि लाल तरबूज 20 से 25 रुपए किलो में बिकता है।
ऑर्गनिक खेती की विधि
सहारनपुर के प्रगतिशिल किसान आदित्य त्यागी ने बताया कि पीले तरबूज को पूरी तरह ऑर्गनिक तकनीक से उगाया गया है। उन्होंने कभी भी खेती में खतरनाक केमिकल का उपयोग नहीं किया, क्योंकि यह सेहत के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है।
जीवन की दूसरी पारी में सफलता
2015 में उत्तराखंड वन विभाग से फॉरेस्ट रेंजर के पद से रिटायर होने के बाद आदित्य त्यागी ने खेती-किसानी की ओर रुख किया और अब वे खेती से लाखों रुपये की आय कर रहे हैं।
पीले तरबूज की खेती से न केवल किसानों को अच्छा मुनाफा हो रहा है बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। नई तकनीक और ऑर्गनिक खेती की विधि अपनाकर आदित्य त्यागी ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और नई सोच से कृषि क्षेत्र में भी अपार सफलता पाई जा सकती है।
